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अमर लता

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हम दुनिया छोड़ आये हैं!

Posted On: 19 Mar, 2016 कविता,Junction Forum,Hindi Sahitya में

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हम दुनिया छोड़ आये हैं !
*
तेरे लबों पे चाहते हैं मुस्कुराहट इस कदर
दरिया प्यार का तुम तक हम मोड़ लाये हैं
*
न दूर हो जाओ कहीं एक पल को भी हमसे
सोचकर यही बस तुमको सांसो में बसाये हैं
*
आवारगी ओ दीवानगी सीखी नही हमने कहीं
हुए पागल नज़र से जब जाम तुमने पिलाये हैं
*
इक समंदर बन गया इक रात में यकीं जानों
याद में जब जब तेरी हमने आंसू बहाये हैं
*
न चर्चे हों महफिल में न मशहूर हों किस्से
बदनाम हो न जायें यूँ नाम अपना छिपाये हैं
*
है गुज़ारिश रात की ये कभी ख्वाब टूटे नही
पलकों में सपने बंद जो रेशमी हमने सजाये हैं
*
बड़ी शिद्दत से इबादत और किया सिजदा तेरा
यूँ जलवो ने तुम्हारे खुदा मुझको दिखाये हैं
*
तुम्हें अपना बनाने को हम दुनिया छोड़ आये हैं
पसंद था जो तुम्हें देखो सितारा तोड़ लाये हैं
© Amar Lata (Lucknow-India)

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